वृद्ध, विधवा और दिव्यांग e-Labharthi Pension e-KYC बिहार 2026: CSC सेंटर के बिना होगा या नहीं? पूरी सच्चाई जानिए



बिहार सरकार द्वारा चलायी जा रही वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन योजनाओं का पैसा अब पूरी तरह e-Labharthi Portal के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजा जाता है। पहले सिर्फ आधार और बैंक लिंक होना काफी माना जाता था, लेकिन अब सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जब तक e-KYC पूरी नहीं होगी, तब तक पेंशन की राशि खाते में नहीं आएगी। यही वजह है कि आज बिहार के लाखों पेंशनधारक e-KYC को लेकर परेशान और भ्रमित हैं।


 e-Labharthi Pension e-KYC :

सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति वास्तव में वही है जो रिकॉर्ड में दर्ज है। इसका मतलब है कि सरकार यह जानना चाहती है कि पेंशन लेने वाला व्यक्ति जीवित है और उसकी पहचान, आधार कार्ड, और बैंक खाता सही है।


बिहार में पहले कई मामले सामने आए थे जहां किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर पेंशन आती रही या एक ही व्यक्ति कई जगहों से लाभ ले रहा था। इन गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने e-Labharthi Pension e-KYC की शुरुआत की है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि पेंशन का लाभ सिर्फ उन लोगों को मिले जो इसके असली हकदार हैं। को रोकने के लिए बिहार सरकार ने Biometric आधारित e-KYC को अनिवार्य कर दिया।



अब सबसे बड़ा सवाल यही है : 

क्या बिहार में ई-लाभार्थी पेंशन के लिए ई-केवाईसी घर बैठे मोबाइल से या सीएससी सेंटर के बिना किया जा सकता है। कई यूट्यूब वीडियो, व्हाट्सऐप संदेश और फेसबुक पोस्ट दावा करते हैं कि मोबाइल का उपयोग करके यह काम आसानी से हो सकता है। से OTP डालकर e-KYC हो जाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार में e-Labharthi Pension की e-KYC CSC सेंटर के बिना संभव नहीं है। सरकार ने साफ तौर पर यह प्रक्रिया केवल Biometric Verification पर आधारित रखी है, जिसमें अंगूठे या आंख की पहचान UIDAI सर्वर से मिलाई जाती है।


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क्या हम आपक खुद से   e-KYC  कर सकते हैं :

बायोमेट्रिक e-KYC के लिए जो मशीन चाहिए, वह आम मोबाइल या कंप्यूटर में नहीं होती। यह मशीन सिर्फ CSC (Common Service Center) के पास होती है और उसे चलाने का अधिकार सिर्फ VLE (Village Level Entrepreneur) को दिया गया है। e-Labharthi Portal का CSC Login भी आम नागरिकों के लिए नहीं खोला गया है। इसलिए चाहे आपके पास स्मार्टफोन हो, इंटरनेट हो या आधार-मोबाइल लिंक हो, फिर भी आप खुद से e-KYC नहीं कर सकते।

नोट :   e-KYC  के लिए आपके पास CSC होना आवश्यक है.



क्या हम OTP से e-KYC  कर सकते है :

बिहार में यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि ई-लाभार्थी पेंशन में ओटीपी आधारित ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसका मतलब है कि आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आने का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। केवल वही ई-केवाईसी मान्य होगी जो सीएससी सेंटर पर बायोमेट्रिक मशीन से की जाएगी। यही वजह है कि सरकार बार-बार अखबारों और नोटिस के जरिए लोगों को सीएससी सेंटर जाने की सलाह दे रही है।

अगर बिहार का कोई पेंशनधारक समय पर e-KYC नहीं करवाता है, तो उसकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जाती है। कई लोगों को लगता है कि पेंशन हमेशा के लिए बंद हो गई, लेकिन ऐसा नहीं है। जैसे ही e-KYC पूरी हो जाती है, अगली किस्त में रुकी हुई राशि भी खाते में आ जाती है। हालांकि, अगर बहुत लंबे समय तक e-KYC नहीं हुई तो रिकॉर्ड निष्क्रिय भी किया जा सकता है।



Documents क्या लगेंगे सिर्फ आधार कार्ड :


CSC सेंटर पर e-Labharthi Pension e-KYC करवाने के लिए ज्यादा दस्तावेजों की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अगर पेंशन नंबर याद हो तो वह काफी होता है। VLE आधार नंबर डालकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाता है और कुछ ही सेकंड में UIDAI से वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है। पूरी प्रक्रिया 2 से 5 मिनट में खत्म हो जाती है।


 e-KYC करने का चार्ज कितना ?


बिहार में CSC द्वारा e-KYC कराने का कोई सरकारी फिक्स चार्ज नहीं है, लेकिन आमतौर पर ₹20 से ₹50 तक लिया जाता है। कई पंचायतों में यह सेवा मुफ्त भी दी जाती है, खासकर वृद्ध और विधवा लाभार्थियों के लिए। अगर कोई CSC बहुत ज्यादा पैसा मांगता है, तो उसकी शिकायत भी की जा सकती है।


निष्कर्ष  : 

अंत में, बिल्कुल साफ शब्दों में कहा जाए तो बिहार में e-Labharthi Pension e-KYC CSC सेंटर के बिना नहीं हो सकता। मोबाइल, ऐप, OTP या घर बैठे कोई विकल्प फिलहाल सरकार ने शुरू नहीं किया है। इसलिए किसी अफवाह में न पड़ें, समय रहते नजदीकी CSC सेंटर जाएं और अपनी e-KYC पूरी करवाएं, ताकि आपकी पेंशन बिना रुकावट मिलती रहे।

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